सुविचार - "मात्र साधनों से ही सुख मिलना संभव नहीं है। उनके उपार्जन का मार्ग और उपयोग का उपक्रम भी नीतियुक्त होना चाहिए। तभी वे सत्परिणाम उत्पन्न करते हैं और सुख देते हैं। अस्तु, परिजनों के लिए सुख-साधन एकत्रित करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वे नीति-मर्यादा का पालन करके कमाए गए हैं या नहीं? समृद्धि तभी फलदायक होती है ;जब उसका उपभोग नहीं, उपयोग किया जाए।"
"विचार क्रांति अभियान"
गायत्री परिवार 
"विचार क्रांति अभियान"
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